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बेकरारी


बेकरारी
 
तुम्हारे इन आँखोंकी नमी मांगता हूँ
तुम्हारी  खुशी
  कम हो यहीं माँगता हूँ
मुझे बस ये खुशी   तुम सदा मुस्कुराओ
मुझे गम तुम्हारे मिले  मैं यहीं मांगता हूँ||
 
तुम्हे देखकर ये खिले चाँद तारे
ये नज़ारे ये गुलशन ये सारे के सारे
जीऊँ बस इन्हें देखकर ये समझू
इन्हिमें  मैं तुम्हारी हंसी ढूंढता हूँ ||
 
सलामत रहे ये रोशन सितारे
ये जलवे तुम्हारे तभी देख पाये
यहाँ जिंदगी में इक अजीबो सी हसरत
तुम्हारी मैं सदा जिंदगी मांगता हूँ ||
 
मेरा घर है आँखों मे सजता तुम्हारे
यहाँ दिन और रातें है काजल तूम्हारे
ये बिंदी ये गज़रा ये कंगन की खनखन
इन्हें देखकर मैं तुम्हे मांगता हूँ ||



शायर : खुशमीजाज आशिक

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